उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग ने एक गेम-चेंजर ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है जिसका नाम है भूलेख यूपी (upbhulekh.gov.in)। यह पोर्टल राज्य के लैंड रिकॉर्ड्स को डिजिटल करने और सबके लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है। अब UP के नागरिक अपने मोबाइल फोन से कुछ ही टैप्स में अपनी जमीन का पूरा ब्यौरा घर बैठे ऑनलाइन एक्सेस कर सकते हैं। कोई भी सरकारी ऑफिस जाने की झंझट नहीं, बस अपने जमीन के डॉक्यूमेंट्स को चुटकियों में डाउनलोड करें!
तो दोस्तों, इस आर्टिकल में हम आपको दिखाएंगे कि नए जमाने का यह UP Bhulekh 2025 पोर्टल कैसे इस्तेमाल करें और अपनी खसरा, खतौनी और भूमि नक्शे के सॉफ्ट कॉपी कैसे निकालें। आप जानेंगे कि अपने गाटे का यूनिक कोड कैसे पता करें, खतौनी के शेयर डिटेल्स कैसे चेक करें, और अपनी जमीन पर चल रहे विवादों की लेटेस्ट स्थिति कैसे देखें। अब ये सारी प्रोसेस फटाफट पूरी करें बिना किसी सरकारी चक्कर के!
यह क्रांतिकारी भूलेख पोर्टल 2 मई 2016 को लाइव हुआ और अब UP की सभी तहसीलों में चल रहा है। upbhulekh का मुख्य मकसद है राज्य के लोगों को उनकी जमीन का डेटा पूरी पारदर्शिता और आसानी से मुहैया कराना। लैंड रिकॉर्ड्स डिजिटाइज होने से सिस्टम में ट्रांसपैरेंसी आई है और लोगों का वक्त और पैसा दोनों बच रहा है।
भूलेख उत्तर प्रदेश पोर्टल के बारे में जानकारी
"भूलेख" शब्द दो शब्दों का कॉम्बिनेशन है: "भू" मतलब लैंड और "लेख" का मतलब है रिकॉर्ड। तो यूपी भूलेख मतलब है UP की जमीनों का रिकॉर्ड। और यह नाम एग्जेक्टली वही बताता है जो यह पोर्टल करता है - लैंड डॉक्यूमेंट्स को ऑनलाइन उपलब्ध कराना। यह नया पोर्टल एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन है नागरिकों के लिए उनकी जमीन संबंधी सभी डिटेल्स का।
यूपी भूलेख यूपी पोर्टल का लक्ष्य है प्रदेश के सारे भूमि दस्तावेजों को कम्प्यूटराइज़ करना ताकि लोगों को आसानी हो। सबसे ज्यादा लाभ हमारे किसान भाइयों को है जिन्हें अक्सर जमीन के पेपर्स की दरकार होती है। अब उन्हें लाइनों में खड़े होकर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। घर बैठे मोबाइल से चुटकियों में सारी डीटेल्स पा लेंगे। UP की 25 करोड़ जनता अब इस टेक्नोलॉजी की मदद ले रही है।
इस app से पहले ऐसा नहीं था। खसरा-खतौनी या नक्शा लेने के लिए लोगों को भागदौड़ करनी पड़ती थी पटवारी और तहसील ऑफिस में। कई बार तो छोटी-मोटी जानकारी के लिए भी दिनभर चक्कर काटो। पर भूलेख की वजह से ये परेशानियां दूर हो गई। अब एडमिन भी ट्रांसपेरेंट हुआ है और लैंड से जुड़े भ्रष्टाचार और विवादों में कमी आई है। क्योंकि अब सब कुछ सूर्य के प्रकाश में है!
विवरण | जानकारी |
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पोर्टल का नाम | UP Bhulekh Land Records, Khasra Khatauni |
किसने लॉन्च किया | उत्तर प्रदेश सरकार |
लाभार्थी | उत्तर प्रदेश के नागरिक |
आधिकारिक वेबसाइट | http://upbhulekh.gov.in/ |
UP भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध सेवाएं
यूपी भूलेख पोर्टल एक सुपर-कूल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो नागरिकों को उनकी लैंड से जुड़ी A to Z जानकारी लाइटनिंग स्पीड से देता है। इस मजेदार app पर आप अपनी खतौनी से लेकर नक्शा तक सब कुछ झट से ऐक्सेस कर सकते हैं। जो चाहिए वो बस कुछ क्लिक्स दूर है! अब लैंड मैटर्स के लिए आपका घर ही आपका ऑफिस है। यहां से आप राजस्व विभाग, आपदा डिपार्टमेंट, रजिस्ट्री और बाकी सरकारी ऑफिसेज के साथ सीधे कनेक्ट हो सकते हैं। चौकाने वाली सुविधाओं की लिस्ट नीचे देख लो:
- खतौनी की कॉपी देखना आपके अधिकार अभिलेख से (View copies of Record of Rights)
- अपने गाँव का रेवेन्यू कोड चेक करना (Check revenue village code)
- अपनी जमीन/प्लॉट का यूनीक कोड खोजना (Find unique plot/land code)
- अपनी प्रॉपर्टी पर चल रहे विवादों की स्थिति पता करना (Check status of land disputes)
- अपनी जमीन/प्लॉट के सेल स्टेटस को जानना (Check sale status of land/plot)
- खतौनी में अपना शेयर देखना (View owner share details)
- अपने रेवेन्यू गाँव की पब्लिक प्रॉपर्टीज का हाल जानना (View public property in revenue village)
- निष्क्रिय/सुस्त प्रॉपर्टी का डेटा देखना (View inactive property)
- शत्रु संपत्ति की लिस्ट चेक करना (View enemy property)
- अपना भू-नक्शा (land map) देखना और डाउनलोड करना
UP भूलेख पोर्टल पर खतौनी की नकल कैसे देखें
अब आपकी खतौनी आपके हाथ की मुट्ठी में! बस थोड़े से टैप्स और क्लिक्स की दूरी पर है आपकी UP Bhulekh 2025 खतौनी। गए वो दिन जब इसके लिए तहसील के धक्के खाने पड़ते थे। अब आपका स्मार्टफोन ही आपका भूमि ऑफिस है। खतौनी आपकी जमीन का आईडी प्रूफ है जो आपको मालिक के रूप में वेरीफाई करता है। तो चलिए जानते हैं इस गजब की सुविधा का मजा कैसे उठाएं:
- भूलेख की वेबसाइट पर लैंड करें: सबसे पहले UP भूलेख खतौनी की ऑफ़िशियल वेबसाइट http://upbhulekh.gov.in/ पर जाएं।
- "खतौनी की नकल देखें" पर टैप करें: होमपेज पर "खतौनी की नकल देखें" ऑप्शन दिखेगा, उस पर क्लिक करें।
- कैप्चा कोड भरकर सबमिट करें: अब जो फनी सा कैप्चा कोड दिख रहा है उसे डालकर सबमिट बटन दबाएं।
- लोकेशन सिलेक्ट करें: अगले पेज पर अपना जिला, तहसील और गांव चुनें।
- खसरा/गाटा नंबर एंटर करें: अब अपनी जमीन का खसरा या गाटा नंबर डालकर सर्च बटन हिट करें।
- "उद्धरण देखें" पर क्लिक करें: डिटेल्स खुलने पर "उद्धरण देखें" वाले ऑप्शन पर टैप करें।
- खतौनी देखें और डाउनलोड करें: वोइला! आपकी डिजिटल खतौनी आपके सामने है। इसे पढ़ें, डाउनलोड करें या प्रिंट करें।
भू-नक्शा (UP Land Map) देखने और डाउनलोड करने की प्रक्रिया
अगर जमीन आपकी शान है तो भू-नक्शा उसकी पहचान है! ये वो ब्लूप्रिंट है जो आपको अपनी प्रॉपर्टी के साइज़, शेप और लोकेशन के बारे में बताता है। यूपी भूलेख सरकार ने अब ये सुविधा भी ऑनलाइन कर दी है ताकि लोगों को तहसील के चक्कर ना लगाने पड़ें। इस नक्शे से सीमा के झगड़े कम होते हैं और जमीन पर नजायज़ कब्जे भी रुकते हैं। प्रॉपर्टी डील के लिए भी ये बहुत जरूरी डॉक्यूमेंट है। तो आइए जानते हैं कैसे निकालें अपने लैंड का डिजिटल नक्शा:
- भू-नक्शा पोर्टल पर विजिट करें: UP का ऑफ़िशियल भू-नक्शा पोर्टल खोलें। आप गूगल पर "UP Bhu Naksha" सर्च करके भी वहां पहुंच सकते हैं।
- अपने एरिया का चयन करें: ड्रॉपडाउन मेन्यू से पहले जिला, फिर तहसील और आखिर में गांव सिलेक्ट करें।
- खसरा नंबर पिक करें: अपने खेत या प्लॉट का खसरा नंबर डालकर या नक्शे पर लोकेट करके उसे चुनें। आपका प्लॉट स्क्रीन पर हाइलाइट हो जाएगा।
- मैप देखें और डाउनलोड करें: बस एक क्लिक और आपका भू-नक्शा आपकी स्क्रीन पर होगा! इसे ज़ूम करके देखें और डाउनलोड या प्रिंट कर लें।
अन्य महत्वपूर्ण UP भूलेख सेवाएं और उनका उपयोग
UP भूलेख पोर्टल आपको भूमि से जुड़ी कई और कूल सर्विसेज़ देता है। आप इनका इस्तेमाल करके अपनी जमीन के ओनरशिप, विवादों और बाकी डिटेल्स को चेक कर सकते हैं। तो चलिए एक नज़र डालते हैं इन मजेदार फीचर्स पर और जानते हैं कि इनसे अपना काम कैसे निपटाएं।
भूखंड या गाटे का यूनिक कोड जानना
क्या आप भी अपनी जमीन का स्पेशल आईडी कोड ढूंढ रहे हैं? ये वो सीक्रेट नंबर है जो आपकी प्रॉपर्टी को अलग पहचान देता है। चाहे आप कोई सरकारी पेपरवर्क कर रहे हों या प्रॉपर्टी डील, ये कोड हर जगह काम आएगा। तो चलिए जानते हैं कि इस कोड को कैसे क्रैक करें: सबसे पहले UP भूलेख वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर "भूखंड/गाटे का यूनिक कोड जाने" वाला ऑप्शन ढूंढें और उस पर क्लिक करें। अब आपको अपने एरिया की डिटेल्स भरनी होंगी - जिला, तहसील और गांव सिलेक्ट करें। फिर अपना खसरा या गाटा नंबर डालकर सर्च बटन दबाएं। थोड़ी देर में आपका 16 डिजिट का यूनिक कोड आपकी स्क्रीन पर फ्लैश होगा!
भूखंड या गाटे के विवाद की स्थिति जांचना
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले ये चेक करना बहुत ज़रूरी है कि उस जमीन पर कोई विवाद तो नहीं है। क्योंकि अगर बाद में कोई मुसीबत निकली तो आपकी डील धरी की धरी रह जाएगी। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि भूलेख यूपी पोर्टल से आप ये भी पता लगा सकते हैं। बस होमपेज पर "भूखंड/गाटे के वाद ग्रस्त होने की स्थिति जाने" वाले बटन पर टैप करें। फिर अपने जिले, तहसील और गांव का चयन करें। अब प्रॉपर्टी का खसरा या गाटा नंबर फीड करके सर्च करें। कुछ ही सेकंड्स में आपको पता चल जाएगा कि जमीन साफ है या उस पर कोई कानूनी केस चल रहा है। प्रॉपर्टी का मालिकाना हक भी विवाद में हो सकता है जो यहां दिखेगा।
राजस्व ग्राम खतौनी का कोड जानना
क्या आपने कभी सोचा है कि आपके गांव का भी एक यूनिक आईडेंटिटी नंबर होता है? जी हां, इसे कहते हैं राजस्व ग्राम खतौनी कोड। सरकारी दफ्तरों में अक्सर इस कोड की डिमांड होती है। तो आइए जानते हैं कि इस गुप्त कोड को कैसे जानें। सबसे पहले UP भूलेख वेबसाइट विजिट करें। होमपेज पर "राजस्व ग्राम खतौनी का कोड जाने" वाला विकल्प ढूंढकर उसे क्लिक करें। अगले पेज पर आपको अपना जिला और तहसील सिलेक्ट करना होगा। बस तहसील चुनते ही उस इलाके के सारे गांवों के 6 डिजिट के कोड आपके सामने होंगे। अब आप अपने गांव का स्पेशल कोड नोट कर लीजिए।
UP भूलेख पोर्टल के लाभ और संपर्क विवरण
UP भूलेख पोर्टल ने जनता और सरकार दोनों के लिए गेम चেंजर साबित हुआ है। इससे न सिर्फ आम लोगों का जीवन सरल हुआ है बल्कि पूरा सिस्टम भी स्मार्ट और ट्रांसपेरेंट बन गया है। तो आइए एक नजर डालते हैं इस पोर्टल के टॉप बेनिफिट्स पर और जानते हैं कि प्रॉब्लम होने पर किससे टच में रहें।
- सरकारी दफ्तरों के धक्के खाने से छुटकारा (Freedom from visiting government offices)
- वक्त और पैसे दोनों की बचत (Saving time and money)
- पेपरवर्क और लालफीताशाही से मुक्ति (Relief from paperwork)
- जमीन के झगड़ों का फटाफट निपटारा (Resolution of land disputes)
- जमीन पर नाजायज कब्जे से सुरक्षा (Protection from illegal encroachment)
- सरकारी कामकाज में पारदर्शिता (Transparency in government operations)
- भ्रष्टाचार पर लगाम (Reduction in corruption)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या UP भूलेख पोर्टल का मोबाइल ऐप उपलब्ध है?
बिल्कुल! UP भूलेख का धांसू मोबाइल ऐप भी है जो आपको प्ले स्टोर पर मिल जाएगा। बस सर्च बॉक्स में "UP Bhulekh" टाइप करें और इंस्टॉल पर टैप कर दें। इस कूल ऐप से आपके पास सारी जानकारी फटाफट पहुंच जाएगी। ये ऐप खुद सरकार द्वारा बनाया गया है और हर फोन पर परफेक्टली काम करता है।
प्रश्न 2: UP भूलेख पोर्टल से संबंधित समस्या के लिए किससे संपर्क करें?
अगर UP भूलेख पोर्टल आपको परेशान कर रहा है तो घबराइए मत। आप हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके या ईमेल भेजकर मदद ले सकते हैं। हेल्पलाइन का नंबर वेबसाइट के नीचे दिया होता है। आप अपने जिले के तहसील ऑफिस जाकर भी सपोर्ट ले सकते हैं। UP रेवेन्यू डिपार्टमेंट का मुख्य दफ्तर लखनऊ में है जो इस पोर्टल को हैंडल करता है।
प्रश्न 3: क्या UP भूलेख पोर्टल से निकाली गई खतौनी कानूनी रूप से मान्य है?
ऑनलाइन UP भूलेख यूपी पोर्टल से जो खतौनी निकलती है वो बेसिक जानकारी के लिए तो ठीक है, लेकिन कानूनी या ऑफिशियल कामों के लिए इसकी वैल्यू नहीं है। अगर आपको किसी लीगल प्रोसीडिंग के लिए खतौनी चाहिए तो आपको तहसील से इसकी सर्टिफाइड कॉपी लेनी होगी। वहां छोटी सी फीस देकर आपको स्टैंप वाली खतौनी मिल जाएगी जो कानूनन मान्य होगी। पर अगर आपको सिर्फ एक आईडिया चाहिए कि प्रॉपर्टी में क्या-क्या है तो ऑनलाइन वाली भी चल जाएगी।